शनिवार, 9 जून 2012

पाकीजा -ये- मोहब्बत


मुझे खामोश रातों में तेरा साथ चाहिए ,
तन्हा हूँ में , हाथों में तेरा  हाथ चाहिए !
मुझे अपने तकदीर पर इतना ऐतबार है ,
तुझको भी मेरा दिल और प्यार चाहिए !! 

मुझको अपने मुकद्दर पे भरोसा है , 
तुझको भी हर वक़्त मेरा साथ चाहिए !
तुझसे  ही मेरी हर बात हर लफ्ज़ है ,
तुझको  भी मोहब्बत  का अहसास  चाहिए 

तू ही मेरी शायरी, ग़ज़ल है मेरे हमराह 
तुझसे ही तारीफ -ये- इरशाद चाहिए !
जुनुने -इश्क है बस तेरे ही वास्ते ,
अहसास-ये-मोहब्बत की सौगात चाहिए !!

तू हो चाहे  हो कोई फरिस्ता भी ,
जीने की लिए मगर मुझे तेरा साथ चाहिए !
तुझको पाने की ख्वाईश है दिल में ,
मुझे मेरी इबादत में  पाकीजा-ये-असर चाहिए !!

3 टिप्‍पणियां:

  1. bhut khub sanjay jee.. maza aa gaya...
    तू ही मेरी शायरी, ग़ज़ल है मेरे हमराह
    तुझसे ही तारीफ -ये- इरशाद चाहिए !
    जुनुने -इश्क है बस तेरे ही वास्ते ,
    अहसास-ये-मोहब्बत की सौगात चाहिए !!
    most beautiful...part

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